Friday, October 23, 2026
Quick News:
- SECTION 29 OF THE POCSO ACT, 2012 Presumption of Guilt, Burden of Proof, False Allegations and Constitutional Safeguards for the Accused
- Supreme Court on POCSO Allegations Arising in Matrimonial Disputes: Key Safeguards
- पुलिस ने पहली गिरफ्तारी में गिरफ्तारी के लिखित आधार नहीं बताए… तो क्या आरोपी को पुलिस अपनी मर्जी से दोबारा गिरफ्तार कर सकती है?” Supreme Court
- मानवाधिकार परिषद ने कालकाजी मंदिर के निकट कथित यौन उत्पीड़न की घटना पर चिंता जताई; महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की मांग
- जमुई की नाबालिग छात्रा के साथ कथित दुर्व्यवहार की घटना पर AICHLS की कड़ी निंदा, दोषियों के विरुद्ध त्वरित एवं कानूनसम्मत कार्रवाई की मांग
- भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने POCSO Act की धारा 6 और IPC की धारा 363 के तहत दोषसिद्ध एक व्यक्ति को बरी कर दिया।
- POCSO केस खारिज: सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी — बरी होना भी हर नुकसान की भरपाई नहीं कर सकता Dr. Anthony Raju, Advocate Supreme Court & POCSO Expert की कानूनी राय
- Landmark Judgement : principles governing grant of bail, criminal antecedents, disclosure of material facts, and interference with an erroneous bail order.
- “न्यायाधीश को शक्तिशाली लोगों से नहीं डरना चाहिए — न्याय निर्भीक रहना चाहिए।”*
- DR. ANTHONY RAJU ⚖️ ADVOCATE | SUPREME COURT OF INDIA ???? WELL-KNOWN CRIMINAL ADVOCATE | HUMAN RIGHTS DEFENDER
Author: "Administrator"
Supreme Court on POCSO Allegations Arising in Matrimonial Disputes: Key Safeguards
Supreme Court on POCSO Allegations Arising in Matrimonial Disputes: Key Safeguards
पुलिस ने पहली गिरफ्तारी में गिरफ्तारी के लिखित आधार नहीं बताए… तो क्या आरोपी को पुलिस अपनी मर्जी से दोबारा गिरफ्तार कर सकती है?” Supreme Court
“पुलिस ने पहली गिरफ्तारी में गिरफ्तारी के लिखित आधार नहीं बताए… तो क्या आरोपी को पुलिस अपनी मर् ...
मानवाधिकार परिषद ने कालकाजी मंदिर के निकट कथित यौन उत्पीड़न की घटना पर चिंता जताई; महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की मांग
मानवाधिकार परिषद ने कालकाजी मंदिर के निकट कथित यौन उत्पीड़न की घटना पर चिंता जताई; महिलाओं की स ...
भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने POCSO Act की धारा 6 और IPC की धारा 363 के तहत दोषसिद्ध एक व्यक्ति को बरी कर दिया।
The Supreme Court of India acquitted a man convicted under Section 6 of the POCSO Act and Secti ...
POCSO केस खारिज: सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी — बरी होना भी हर नुकसान की भरपाई नहीं कर सकता Dr. Anthony Raju, Advocate Supreme Court & POCSO Expert की कानूनी राय
POCSO केस खारिज: सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी — बरी होना भी हर नुकसान की भरपाई नहीं कर सकता
“न्यायाधीश को शक्तिशाली लोगों से नहीं डरना चाहिए — न्याय निर्भीक रहना चाहिए।”*
“न्यायाधीश को शक्तिशाली लोगों से नहीं डरना चाहिए — न्याय निर्भीक रहना चाहिए।”*
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